मैं शब्द, तुम अर्थ
तुम बिन, मैं व्यर्थ..!

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

कभी लफ्ज़ भूल जाऊ, कभी बात भूल जाऊ

तुझे इस कदर चाहुँ, की अपनी ज़ात भूल जाऊ
कैसे कहे के कितना चाहा है तुम्हे
अगर कहने पे आऊ, तो अलफ़ाज़ भूल जाऊ

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

चेहरे पर हँसी छा जाती है,

आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

इश्क़ भी क्या अजीब बीमारी है,
ज़िन्दगी हमारी है पर तलब तुम्हारी है

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

तुझको अपनी रूह में उतार लूं,

मैं खुद को तेरी चाहत में सवार लूं मैं,

नहीं चाहिए मुझे इस दुनिया से कुछ और,

बस एक तू मिल जाए तो अपनी जिंदगी गुजार लूं मैं।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

जुबां मेरी, ज़िक्र तेरा

रूह मेरी पर फ़िक्र तेरा

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

देख कर आपकी मुस्कराहट,
हम होश गवा बैठे,
हम होश में ही आने वाले थे,
आप फिर से मुस्कुरा बैठे।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

लिखू… तोह “लफ्ज़” तुम हो
सोचु… तोह “ख़याल” तुम हो
मांगू… तोह ‘दुआ तुम हो
सच कहूँ… तोह मोहब्बत तुम हो!

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

प्यार भी तू दोस्त भी तू,
एक भी तू हज़ार भी तू,
गुस्सा भी तू माफ़ी भी तू,

मेरे इस ज़िन्दगी के सफा में काफी है तू

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

उसे देखते ही चेहरा

यूँ खिल जाता है,
जैसे उसके होने से मुझे
सब कुछ मिल जाता है,
कैसे बताऊ की तू
क्या है मेरे लिए,
तुझे बस एक बार देख लू

तो मेरा पूरा दिन बन जाता है।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

सादगी तो देखो उन नज़रो की,
हमसे बचने की कोशिश में
बार बार हमें ही देखती है

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

आज फिर कुछ लिखने बैठी,
तो ख्याल सिर्फ तेरा आया
ऐसा पहली दफा तो नहीं,
की दिल को सिर्फ तू पसंद आया
बातें करी जब खुदसे थोड़ी,
तो उनमे ज़िक्र सिर्फ तेरा आया
आँखे बंद करने पर भी,
आखिर सामने सिर्फ तू नज़र आया
आज फिर कुछ लिखने बैठी,
तो ख्याल सिर्फ तेरा आया

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

तेरे जैसा
कोई मिला ही नहीं
कैसे मिलता
कही पर था ही नहीं
तू जहा तक दिखाई देता हैं
उसके आगे मैं देखता ही नहीं

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

पल पल इंतज़ार किया
उस पल के लिए,
वो पल भी आया तो
एक पल के लिए,
अब हर पल दुआ है
उस पल के लिए,
काश आ जाये वो पल
एक पल के लिए

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

नज़र को नज़र की नज़र न लगे
कोई अच्छा भी इस कदर न लगे
तुझे देखा है इस नज़र से, जिस
नज़र से तुझे नज़र न लगे…

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

ये जो आँखें है तुम्हारी
क्या राज छुपाई है
जानना चाहती हूँ मैं
क्या इसने कभी मेरे लिए आंसू बहाई है
तेरी आँखों में ये जो मासूमियत है
ना जाने कितनी बार मेरा दिल चुराई है
हर रोज सोचती हु पढ़ लिया होता
उन आँखों को और एक बार
क्यूंकि हर दफा उसमे मैंने
अपने लिए ही मोहब्बत पायी है

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

आखें तो बंद की थी हमने
नींद के इंतज़ार मे
ख्बाबो को जाने कहा से
उनकी तस्बीर मिल गई

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

वो मुस्कुराता गया
मै दिल हारती गई
वो गुनगुनाता गया
मै उसमे खोती गई
कुछ तो बात है उसमे
उसने बस इशारा किया
मै उसकी होती गई

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

बात अगर सुकून की करू तो
तुम्हारी आवाज ही काफ़ी है।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

तेरे साथ… रूह का मसला है यारा,
हुस्न तो… मैं हर मोड़ पर ठुकरा कर आया हूँ।

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI

सितारों से भरी हुई रातें पसंद हैं,
दूर से सुनी उसकी बातें पसंद हैं.
तारीफ के काबिल हैं उसके बाल भी पर,
मुझे ज़्यादा उसकी आँखें पसंद हैं.

LOVE

Alfaz Yatra

SHAYARI